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MPIL Shudh Gandhak, या शà¥à¤¦à¥à¤§ गंधक, आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की जाने वाली à¤à¤• शà¥à¤¦à¥à¤§ (डिटॉकà¥à¤¸à¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡) खनिज-आधारित औषधि है। इसे विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं, विशेष रूप से तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोगों, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को बढ़ावा देने और पाचन के लिठजाना जाता है। मà¥à¤–à¥à¤¯ लाठऔर उपयोग तà¥à¤µà¤šà¤¾ का सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯: यह अपने रोगाणà¥à¤°à¥‹à¤§à¥€ (à¤à¤‚टी-माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤²) और रकà¥à¤¤-शोधक गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के लिठपà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ है। इसका उपयोग सोरायसिस, à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾, खà¥à¤œà¤²à¥€ और अनà¥à¤¯ तà¥à¤µà¤šà¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ के इलाज में किया जाता है। पाचन में सहायक: यह पाचन में सà¥à¤§à¤¾à¤° करता है, à¤à¥‚ख बढ़ाता है, और पेट दरà¥à¤¦, गैस और कबà¥à¤œ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से राहत दिलाने में मदद करता है। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ (इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€): यह शरीर से विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ (टॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¨à¥à¤¸) को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ और शरीर की शकà¥à¤¤à¤¿ बढ़ती है। शà¥à¤µà¤¸à¤¨ संबंधी विकार: यह असà¥à¤¥à¤®à¤¾, खांसी और सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम में à¤à¥€ फायदेमंद माना जाता है। सूजन रोधी: इसमें सूजन-रोधी (à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€) गà¥à¤£ होते हैं जो शरीर में सूजन संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को कम करने में मदद कर सकते हैं।
शà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤•रण आवशà¥à¤¯à¤•: गंधक (सलà¥à¤«à¤°) को सीधे सेवन के लिठउपयोग नहीं किया जाता है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚तों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ और दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ को कम करने के लिठइसे 'शोधन' (शà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤•रण) पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से गà¥à¤œà¤°à¤¨à¤¾ पड़ता है, जिसके बाद यह मानव उपà¤à¥‹à¤— के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होता है। खà¥à¤°à¤¾à¤•: इसका सेवन हमेशा à¤à¤• योगà¥à¤¯ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• चिकितà¥à¤¸à¤• की सलाह के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही किया जाना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि खà¥à¤°à¤¾à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर निरà¥à¤à¤° करती है।