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MPIL धातà¥à¤°à¥€ लौह à¤à¤• आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• औषधि है जिसका उपयोग मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से पाचन संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं, à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ (खून की कमी), और लिवर विकारों के इलाज में किया जाता है। पà¥à¤°à¤®à¥à¤– लाठपाचन में सà¥à¤§à¤¾à¤°: यह अपच, गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸, कबà¥à¤œ, और पेट के दरà¥à¤¦ (colic) से राहत दिलाने में मदद करता है। à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का इलाज: यह आयरन की कमी को दूर करता है, हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° को बढ़ाता है, और à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से संबंधित कमजोरी का पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन करता है। लिवर सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯: इसमें मौजूद लौह à¤à¤¸à¥à¤® (Lauha Bhasma) लिवर के कारà¥à¤¯ को बेहतर बनाने और पितà¥à¤¤ संबंधी विकारों को रोकने में मदद करता है। अनà¥à¤¯ लाà¤: यह आंखों के लिठà¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ है, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ (इमà¥à¤¯à¥‚निटी) को बढ़ाता है, और इसमें पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक à¤à¤‚टी-à¤à¤œà¤¿à¤‚ग (कायाकलà¥à¤ª) गà¥à¤£ होते हैं।
MPIL धातà¥à¤°à¥€ लौह (Dhatri Lauh) à¤à¤• शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• फ़ॉरà¥à¤®à¥‚लेशन है, जिसमें मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होती हैं: धातà¥à¤°à¥€ (आंवला / Emblica officinalis): विटामिन सी और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र, यह पाचन और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को मजबूत करता है। लौह à¤à¤¸à¥à¤® (Lauha Bhasma): यह शà¥à¤¦à¥à¤§ किया हà¥à¤† आयरन (calcined iron) है, जो हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ के संशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है। यषà¥à¤Ÿà¤¿à¤®à¤§à¥ (मà¥à¤²à¥‡à¤ ी / Glycyrrhiza glabra): अपने सूजन-रोधी (anti-inflammatory) और सà¥à¤–दायक गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के लिठजानी जाती है, जो पेट और गले के लिठफायदेमंद है। अनà¥à¤¯ सहायक जड़ी-बूटियाà¤: विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ फ़ॉरà¥à¤®à¥‚लेशन में गिलोय (Tinospora cordifolia) और तà¥à¤°à¤¿à¤•टॠ(सोंठ, काली मिरà¥à¤š, पिपà¥à¤ªà¤²à¥€) जैसी अनà¥à¤¯ जड़ी-बूटियां à¤à¥€ शामिल हो सकती हैं। उपयोग के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ खà¥à¤°à¤¾à¤•: आमतौर पर, 1-2 गोलियां दिन में दो बार, चिकितà¥à¤¸à¤• के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° लेनी चाहिà¤à¥¤ कब लें: इसे गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी, घी या शहद के साथ, à¤à¥‹à¤œà¤¨ से पहले या बाद में लिया जा सकता है, जो वांछित चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पर निरà¥à¤à¤° करता है। गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के मामलों में, इसे आमतौर पर à¤à¥‹à¤œà¤¨ से पहले लेने की सलाह दी जाती है। सावधानी: बताई गई खà¥à¤°à¤¾à¤• से अधिक न लें और किसी à¤à¥€ नठपूरक को शà¥à¤°à¥‚ करने से पहले à¤à¤• योगà¥à¤¯ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• चिकितà¥à¤¸à¤• से परामरà¥à¤¶ करना उचित है, खासकर यदि आप पहले से ही अनà¥à¤¯ दवाà¤à¤‚ ले रहे हैं।