Successful Add in Wishlist

MPIL DHATRI LAUH

38 1559
  • Availibility: In Stock
  • Categories : Mpil

Our Specification

MPIL धात्री लौह एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका उपयोग मुख्य रूप से पाचन संबंधी समस्याओं, एनीमिया (खून की कमी), और लिवर विकारों के इलाज में किया जाता है। प्रमुख लाभ पाचन में सुधार: यह अपच, गैस्ट्राइटिस, कब्ज, और पेट के दर्द (colic) से राहत दिलाने में मदद करता है। एनीमिया का इलाज: यह आयरन की कमी को दूर करता है, हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है, और एनीमिया से संबंधित कमजोरी का प्रबंधन करता है। लिवर स्वास्थ्य: इसमें मौजूद लौह भस्म (Lauha Bhasma) लिवर के कार्य को बेहतर बनाने और पित्त संबंधी विकारों को रोकने में मदद करता है। अन्य लाभ: यह आंखों के लिए भी अच्छा है, प्रतिरक्षा (इम्यूनिटी) को बढ़ाता है, और इसमें प्राकृतिक एंटी-एजिंग (कायाकल्प) गुण होते हैं।

MPIL धात्री लौह (Dhatri Lauh) एक शास्त्रीय आयुर्वेदिक फ़ॉर्मूलेशन है, जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित सामग्रियां होती हैं: धात्री (आंवला / Emblica officinalis): विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, यह पाचन और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। लौह भस्म (Lauha Bhasma): यह शुद्ध किया हुआ आयरन (calcined iron) है, जो हीमोग्लोबिन के संश्लेषण के लिए आवश्यक है। यष्टिमधु (मुलेठी / Glycyrrhiza glabra): अपने सूजन-रोधी (anti-inflammatory) और सुखदायक गुणों के लिए जानी जाती है, जो पेट और गले के लिए फायदेमंद है। अन्य सहायक जड़ी-बूटियाँ: विभिन्न फ़ॉर्मूलेशन में गिलोय (Tinospora cordifolia) और त्रिकटु (सोंठ, काली मिर्च, पिप्पली) जैसी अन्य जड़ी-बूटियां भी शामिल हो सकती हैं। उपयोग के निर्देश खुराक: आमतौर पर, 1-2 गोलियां दिन में दो बार, चिकित्सक के निर्देशानुसार लेनी चाहिए। कब लें: इसे गुनगुने पानी, घी या शहद के साथ, भोजन से पहले या बाद में लिया जा सकता है, जो वांछित चिकित्सीय प्रभाव पर निर्भर करता है। गैस्ट्राइटिस के मामलों में, इसे आमतौर पर भोजन से पहले लेने की सलाह दी जाती है। सावधानी: बताई गई खुराक से अधिक न लें और किसी भी नए पूरक को शुरू करने से पहले एक योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श करना उचित है, खासकर यदि आप पहले से ही अन्य दवाएं ले रहे हैं।

Quantity*

Add To Wishlist

Related Products